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ऋषिकेश, 06अक्टूबर। उत्तराखंड सरकार के शहरी विकास की नियत यदि ठीक-ठाक रही तो सरकार मेगा प्रोजेक्ट हरिद्वार- ऋषिकेश-तपोवन के बीच नियो मेट्रो दौड़ाने को पंख लगने की उम्मीदें जल्द सफल होगी। जिसके लिए उत्तराखंड मेट्रो रेल, शहरी अवस्थापना एवं भवन निर्माण निगम लिमिटेड ने प्रारंभिक सर्वे भी शुरू दिया है, जिसमें स्थानीय लोगों और यहां पहुंचने वाले पर्यटक और यात्रियों की राय ली जा रही है, जिसमें 500 लोगों ने नियो मेट्रो का संचालन जरूरी बताया है।
सर्वे का जिम्मा संभाल रही दिल्ली की कंपनी यूएमटीसी की टीम ऋषिकेश पहुंची।और कंपनी के 20 कर्मचारियों ने रायवाला, छिद्दरवाला, श्यामपुर, ऋषिकेश में कोयलघाटी और तपोवन में लोगों की राय जानी। कंपनी के इंजीनियर अंकित सिंह ने बताया कि यह सर्वे 15 अक्तूबर तक किया जाना है, जिसमें खासतौर लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट को लेकर सवाल किए जाने हरिद्वार-ऋषिकेश-तपोवन में ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी जुटाई जा रही है। इसमें ट्रैफिक पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है। हरिद्वार- ऋषिकेश के बीच की दूरी तय करने में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से समय और किराये का डाटा इकट्ठा किया जा रहा है, जिसे एक फार्म में अंकित किया जा रहा है। इंजीनियर ने बताया कि 500 से अधिक लोगों से नियो मेट्रो को लेकर राय ली गई है, जिसमें ज्यादातर लोगों ने हरिद्वार-ऋषिकेश-तपोवन के बीच नियो मेट्रो की जरूरत बताई है। सुविधा के लिए कई लोगों ने अधिक किराया तक खर्च करने की बात कही है। बताया कि राय की सर्वे रिपोर्ट को निर्धारित समय में निगम को भेज दी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्यवाही होगी।
हरिद्वार मेट्रो से ऋषिकेश की दूरी लगभग 26 ‘किलोमीटर है। जबकि, ऋषिकेश से तपोवन करीब छह किलोमीटर दूर है। मेट्रो चलने से यह दूरी भी कम होने की उम्मीद है। सीधी आवाजाही मिलने से न सिर्फ दूरी, ब्लकि समय की बचत भी होगी। मैट्रो का सफर भी अपने आप में आकर्षण है, जिससे मेट्रो के दौड़ने से हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्र में पर्यटन को पंख लगने की संभावना जताई।
पर्यटक सीजन में हर साल ऋषिकेश और आसपास भीषण जाम की समस्या पैदा होती है। इसमें पर्यटकों के वाहनों की आमद बढ़ने से नेशनल हाईवे पर दबाव बढ़ जाता है। सवारी वाहनों की भी भरमार होने से पुलिस को कई दफा बाहरी राज्यों के वाहनों को नेपालीफार्म से भानियावाला होते हुए रानीपोखरी से ऋषिकेश भेजना पड़ता है। इससे नेपालीफार्म से ऋषिकेश की महज आठ किलोमीटर की दूरी बाहरी राज्यों के वाहन सवार लोगों को 35 किलोमीटर में तय करनी पड़ती है। नियो मेट्रो चलने से इस समस्या से भी काफी हद तक छुटकारा मिलने की उम्मीद है। नियो मेट्रो चलने से उन्हें कम खर्च में गतंव्य तक पहुंचने की बेहतर व्यवस्था मिलेगी। लोकल लोग भी मेट्रो से सफर करेंगे।
उत्तराखंड मेट्रो रेल शहरी और अवस्थापना एवं भवन निर्माण निगम के एमडी जितेंद्र त्यागी का कहना है कि नियो मेट्रो के लिए यह सर्वे किया जा रहा है। इसमें तपोवन क्षेत्र भी राय के लिए शामिल किया गया है। संबंधित कंपनी से निर्धारित समय सीमा में राय से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही इसमें अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।

