संत निरंकारी मिशन ऋषिकेश में सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज की प्रेरणा से मानवता की सेवा हेतु रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन रिबन काटकर जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह ने किया।
रविवार को संत निरंकारी मिशन द्वारा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के मध्यम से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत ब्रांच के सेवादल, तथा साध संगत के वॉलिंटियर्स रक्तदान करने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहे।
318 विलेंटियर्स ने रक्तदान के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया। शिविर में 161 यूनिट रक्तदान एम्स अस्पताल को किया गया। 157 वॉलिंटियर रक्तदान से वंचित रह गए।
पूर्व मेयर अनीता ममगांई ने कहा कि संत निरंकारी मिशन रक्तदान के क्षेत्र में सदैव अग्रणी रहा है। रक्तदान करने के लिए वॉलिंटियर्स का उत्साह साराहनीय है। बाबा हरदेव सिंह का महावाक्य रक्त नालियों में नहीं नाड़ियों में बहे, मानवता की सेवा को दर्शाता है। मानवता की सेवा ही हमारा धर्म है। इसके लिए सभी को आगे आना चाहिए।
नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने कहा कि प्रत्येक इंसान को रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान महादान है, रक्तदान शिविर समाज की आवश्यकता है।
जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह ने कहा कि एक यूनिट ब्लड से 3 व्यक्तियों को जीवनदान दिया जा सकता है। जिसमे PRBC, प्लाज्मा और प्लेटलेट्स को अवश्यकता अनुसार मरीज को देकर जीवन की रक्षा की जा सकती है। 18 से 65 वर्ष के स्वस्थ्य व्यक्ति 90 दिनों के अंतराल पर रक्तदान कर सकता है। रक्तदान करने से हमारे शरीर में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं होती है। कहा कि निरंकारी मिशन पूरे उत्तराखंड में समय-समय पर अलग-अलग ब्रांचो में रक्तदान शिविर लगाकर मानवता की यह सेवा निरंतर करता आ रहा है।
साथ ही सत्संग का आयोजन भी किया गया जिसमें ज्ञान परचारक ज्ञानेश्वर गुरंग ने सतगुरु का संदेश भक्तों को प्रदान किया।
इस मौके पर ब्रांच संयोजक, क्षेत्रीय संचालक, संचालक, ज्ञान प्रचारक, सेवादल एवं एस.एन.सी.एफ. अधिकारी और साथ संगत के सैकड़ो वालंटियर उपस्थित रहे।
एम्स हॉस्पिटल की टीम में डॉ० के. प्रियंका देवी, डॉ० उमेश कुमार सिंह, वरूण विग्नेश वी, अशवती ए आर, गीतांजलि, होशियार सिंह, विजय, आजाद, अस्पताल परिचारक, कुशीराम, सौरभ, सुश्री नीलम, प्रीतम सिंह, सुरक्षा गार्ड, अशोक आदि उपस्थित रहे।