मानसून को लेकर गढ़वाल मंडल हाई अलर्ट पर, चारधाम यात्रा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, 2 जुलाई को सभी जनपदों में होगी मॉक ड्रिल, आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों का होगा परीक्षण
मानसून को लेकर गढ़वाल मंडल हाई अलर्ट पर, चारधाम यात्रा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता,
2 जुलाई को सभी जनपदों में होगी मॉक ड्रिल, आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों का होगा परीक्षण
देहरादून, 29 जून। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए गढ़वाल मंडल प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के निर्देशन में मंडल के सभी जिलाधिकारी संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक्शन मोड में रहेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जनपदों में 2 जुलाई को व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना तथा त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक प्रभावी बनाना है। जनपदवार होने वाले इन अभ्यासों के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र की कार्यक्षमता का आकलन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, पेयजल सहित सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। विभागों को आवश्यक संसाधन, उपकरण और मानव बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में विलंब न हो।
चारधाम यात्रा मार्गों पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और अन्य संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए यात्रियों से मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।
प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विभागों के बीच बेहतर समन्वय, पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित कार्रवाई की रणनीति के माध्यम से गढ़वाल मंडल को हर संभावित चुनौती से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है।