“जय केदार” के जयघोष के साथ खुले श्री केदारनाथ धाम के कपाट, आस्था में डूबा हिमालय प्रधानमंत्री के नाम से पहली पूजा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
“जय केदार” के जयघोष के साथ खुले श्री केदारनाथ धाम के कपाट, आस्था में डूबा हिमालय
प्रधानमंत्री के नाम से पहली पूजा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
रुद्रप्रयाग 22 अप्रैल। श्रद्धा, आस्था और दिव्यता के अद्भुत संगम के बीच ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार को विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। प्रातः 8 बजे शुभ मुहूर्त में जैसे ही कपाट खुले, पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “जय श्री केदार” के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा। कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कपाटोद्घाटन के पावन अवसर पर पहली पूजा प्रधानमंत्री Narendra Modi के नाम से संपन्न कराई गई। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami भी धाम में मौजूद रहे। उन्होंने बाबा केदार के दर्शन कर देश और प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की। कपाट खुलने का यह अलौकिक क्षण सिख रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच और भी दिव्य हो उठा। मुख्यमंत्री ने समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री केदारनाथ धाम न केवल सनातन आस्था का केंद्र है, बल्कि भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष की चारधाम यात्रा भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के प्रति सेवा और आतिथ्य भाव बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाबा केदारनाथ का अनन्य भक्त बताते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद उनके मार्गदर्शन में धाम का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण हुआ, जो आज विश्वभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। इससे पूर्व भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से गुप्तकाशी, फाटा और गौरीकुंड होते हुए मंगलवार शाम धाम पहुंची। कपाट खुलने की प्रक्रिया प्रातः 5 बजे से शुरू हुई। इसके बाद रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी. गंगाधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधायक आशा नौटियाल सहित धर्माचार्यों और वेदपाठियों ने गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना की। देव आह्वान और लोक कल्याण के संकल्प के साथ ठीक 8 बजे कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस अवसर पर मंदिर को 51 क्विंटल से अधिक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कपाटोद्घाटन समारोह में गीता धामी, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, ब्लॉक प्रमुख पंकज शुक्ला, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, तीर्थ पुरोहित, हक-हकूकधारी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।