‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम में सामूहिक गायन से राष्ट्रभक्ति का दिया संदेश
ऋषिकेश 25 सितंबर। ऋषिकेश के रामलीला ग्राउंड, बनखंडी में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, आदर्श नगर, ऋषिकेश की ओर से ‘नमामि भारतम् – वन्दे मातरम् सामूहिक गायन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की शुरुआत वंदना से हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभाव का संदेश दिया।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रातः 11 बजे ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन रहा। जैसे ही सैकड़ों लोगों ने एक साथ वन्दे मातरम् का गायन किया, पूरा रामलीला ग्राउंड राष्ट्रभाव से गुंजायमान हो उठा। उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अन्य प्रतिभागियों ने एक स्वर में वंदे मातरम् का गायन कर वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। इस दौरान भारत की एकता, अखंडता, संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तराखण्ड के प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल मुख्य वक्ता तथा मधुबन आश्रम, ऋषिकेश से परमानंद दास कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे।
इस मौके पर मुख्य वक्ता दिनेश सेमवाल ने वन्दे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व और राष्ट्रीय भावना पर अपने विचार रखे। उन्होंने राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक चेतना और मातृभूमि के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
कार्यक्रम अध्यक्ष परमानंद दास ने भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभाव और सामाजिक समरसता के महत्व पर प्रकाश डाला।
वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य गुरु प्रसाद उनियाल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् मातृभूमि के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना का प्रतीक है।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. दीपक तायल ने अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का स्वागत किया तथा कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यक्ष हरगोपाल अग्रवाल, पुरुषोत्तम बिजल्वाण —सेवा भारती प्रमुख, विद्या भारती उत्तराखण्ड, तथा विद्यालय के कोषाध्यक्ष नवल किशोर, घाट रोड व्यापार सभा अध्यक्ष पवन शर्मा , अनीता रयाल प्रधानाचार्य महाराज निवास ऋषिकेश सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से “एक राष्ट्र, एक संस्कृति, एक परिवार” का संदेश दिया गया।