श्मशान घाट के लिए बुक हो चुका था अंतिम यात्रा वाहन, रास्ते में एंबुलेंस में शरीर ने दी हरकत, तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया एम्स ऋषिकेश
ऋषिकेश 9 सितंबर। गीता नगर गली नंबर-5 निवासी साइ राम जी के परिजनों के लिए उस समय बेहद चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया, जब अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच एंबुलेंस में ले जाए जा रहे उनके शरीर में अचानक हरकत हुई और उन्होंने आंखें खोल दीं। परिजनों के अनुसार, इसके बाद उन्हें तत्काल एम्स ऋषिकेश ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। मुक्तिधाम ऋषिकेश के अंतिम यात्रा वाहन के व्यवस्थापक पंकज गुप्ता ने जानकारी दी कि साइ राम जी के निधन के बाद उनके परिजनों की ओर से मुक्तिधाम ऋषिकेश के अंतिम यात्रा वाहन को शाम करीब चार बजे के लिए बुक कराया गया था। साथ ही अंतिम संस्कार के लिए पंडित जी की व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया गया था। परिजनों ने उन्हें बताया कि परिजन शव को लेकर एंबुलेंस से आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान करीब ढाई बजे श्यामपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास सड़क पर वाहन को झटका लगा। परिजनों के मुताबिक, झटके के बाद साइ राम जी ने अचानक आंखें खोल दीं। घटना से परिजन और आसपास मौजूद लोग हैरान रह गए। इसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश ले जाया गया।
पंकज गुप्ता ने बताया कि परिजनों की ओर से दी गई जानकारी में इस पूरे घटनाक्रम को बेहद आश्चर्यजनक बताया गया है। परिजनों का कहना है कि जिन सड़क के गड्ढों को आमतौर पर लोग आफत मानते हैं, उसी सड़क के एक झटके ने साइ राम जी के लिए मानो संजीवनी का काम कर दिया। समाचार लिखे जाने तक साइ राम जी को चिकित्सकीय रूप से मृत घोषित किए जाने की स्थिति और वर्तमान स्वास्थ्य संबंधी आधिकारिक जानकारी एम्स की ओर से अभी प्राप्त नहीं हुई है।