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शोध और नवाचार आधारित नीतियों से आगे बढ़ेगा उत्तराखंड: पुष्कर सिंह धामी
देहरादून 3 सितंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उत्तराखण्ड स्टेट सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एण्ड गुड गवर्नेंस (USCPPGG) की शासी निकाय की बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नीति निर्माण पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नीतियों में शोध, नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए तथा शोध-अध्ययनों के निष्कर्षों का उपयोग सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में किया जाए।
मुख्यमंत्री ने राज्य की उपलब्धियों और विभिन्न क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों पर केस स्टडी तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद स्तर पर अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा। धामी ने कहा कि उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए राज्य की विशिष्ट परिस्थितियों और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जाना आवश्यक है।
10 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को मिलेगा स्टाइपेंड
बैठक में राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों के प्रतिवर्ष 10 स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं को कैपस्टोन परियोजना के लिए स्टाइपेंड देने पर सहमति बनी। इसके माध्यम से राज्य की प्राथमिकता वाले विषयों पर शोध और परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।
गवर्निंग बॉडी के सदस्यों ने राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए कई सुझाव दिए। हाई वैल्यू-लो वॉल्यूम उत्पादों को बढ़ावा देने, एमएसएमई पर विशेष फोकस करने तथा पर्वतीय क्षेत्रों में होम टूरिज्म को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। सदस्यों ने कहा कि इससे पहाड़ों में स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
आठ प्रमुख सुधार क्षेत्रों पर होगा अध्ययन
बैठक में राज्य के भावी विकास से जुड़े आठ प्रमुख सुधार क्षेत्रों पर विस्तृत शोध एवं अध्ययन कराने का सुझाव दिया गया। साथ ही योजनाओं की प्रगति के लिए वार्षिक मॉनिटरिंग लक्ष्य निर्धारित करने और नियमित मूल्यांकन पर जोर दिया गया। नीतियों का समय-समय पर परीक्षण कर उनकी प्रभावशीलता का आकलन करने की आवश्यकता भी बताई गई।
बैठक में ‘विकसित उत्तराखंड-2047’ की दिशा में राज्य की भावी विकास रणनीति पर भी चर्चा हुई। आर्थिक विकास एवं रोजगार, मानव संसाधन एवं कल्याण, वन एवं जैव विविधता, जलवायु अनुकूलन, अवस्थापना विकास, स्थानीय स्वशासन एवं क्षेत्रीय विकास तथा तकनीक आधारित सुशासन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया गया।
हिमालयी राज्यों में SDG में उत्तराखंड प्रथम
USCPPGG और UNDP के सहयोग से सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के क्रियान्वयन के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। एसडीजी के स्थानीयकरण एवं मॉनिटरिंग, नीति मूल्यांकन तथा राज्य की प्राथमिकताओं से जुड़े विषयों पर नीतिगत अध्ययन को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक में बताया गया कि सतत विकास लक्ष्यों के क्षेत्र में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में प्रथम स्थान पर है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘Uttarakhand at 25: A Himalayan State with Infinite Possibilities’ पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक में उत्तराखंड की 25 वर्षों की विकास यात्रा को समाहित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने शासी निकाय के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों का परीक्षण कर उपयोगी सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास को गति देने के लिए शोध, नवाचार, प्रभावी नीति निर्माण, क्षमता विकास और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर निरंतर काम किया जाना चाहिए।
