उत्तराखण्ड के समग्र विकास में भागीदार बने कॉरपोरेट जगत : पुष्कर सिंह धामी ‘उत्तराखण्ड सीएसआर डायलॉग’ में उद्योग जगत से सहयोग की अपील, एक लाख करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरने का दावा
उत्तराखण्ड के समग्र विकास में भागीदार बने कॉरपोरेट जगत : पुष्कर सिंह धामी
‘उत्तराखण्ड सीएसआर डायलॉग’ में उद्योग जगत से सहयोग की अपील, एक लाख करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरने का दावा
देहरादून, 10 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘उत्तराखण्ड सीएसआर डायलॉग’ कार्यक्रम में उद्योग जगत, केंद्रीय उपक्रमों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत किया गया योगदान केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि पुण्य का कार्य भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड एक पर्वतीय एवं सीमांत राज्य है, जहां विकास की चुनौतियां अन्य राज्यों की तुलना में अधिक जटिल हैं। संवेदनशील पारिस्थितिकी और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां विकास कार्यों में अधिक संसाधन और प्रयास की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए समग्र विकास का अर्थ केवल आधारभूत ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, सामाजिक उत्थान और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना भी है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस दिशा में कॉरपोरेट जगत का अनुभव, आधुनिक प्रबंधन क्षमता और सामाजिक सरोकार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य को 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने के साथ औद्योगिक, लॉजिस्टिक, स्टार्टअप और एमएसएमई समेत 30 से अधिक नीतियां लागू कर उद्योगों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया है। साथ ही स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है और पिछले वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इससे निवेशकों और उद्यमियों को पारदर्शी एवं सुगम व्यवस्था का लाभ मिल रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि कॉर्पोरेट क्षेत्र की दक्षता और राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियां मिलकर उत्तराखण्ड में एक सशक्त एवं टिकाऊ अर्थव्यवस्था का निर्माण करेंगी, जो देश के लिए मिसाल बनेगी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव विनय शंकर पांडेय, एमडी सिडकुल डॉ. सौरभ गहरवार तथा अपर सचिव मनमोहन मैनाली सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।