ऋषिकेश में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति बैठक में मुख्यमंत्री ने किया प्रतिभाग शहरों के विकास में मेयरों की भूमिका महत्वपूर्ण, उत्तराखण्ड में शहरी विकास को मिल रही नई गति : पुष्कर सिंह धामी
ऋषिकेश में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति बैठक में मुख्यमंत्री ने किया प्रतिभाग
शहरों के विकास में मेयरों की भूमिका महत्वपूर्ण, उत्तराखण्ड में शहरी विकास को मिल रही नई गति : पुष्कर सिंह धामी
ऋषिकेश, 3 जून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकेश में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति बैठक में प्रतिभाग करते हुए देशभर से आए महापौरों का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ₹29.78 करोड़ लागत की तीन विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें ₹23.15 करोड़ की एक योजना का लोकार्पण तथा ₹6.63 करोड़ की दो योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों एवं स्थलों का निरीक्षण भी किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि महापौर अपने-अपने शहरों के प्रथम नागरिक होने के साथ ही वहां के लोगों की आशाओं, अपेक्षाओं और विश्वास के प्रतिनिधि भी होते हैं। उनके निर्णयों का प्रभाव केवल वर्तमान पर ही नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि जहां भारत की आत्मा गांवों में बसती है, वहीं नागरिकों के सपने, आकांक्षाएं और भविष्य की संभावनाएं शहरों में आकार लेती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है और उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण क्षण इस देवभूमि में बिताए हैं। राज्य के प्रत्येक क्षेत्र से उनका गहरा जुड़ाव है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को नई पहचान मिली है। इस वर्ष चारधाम यात्रा के केवल 45 दिनों में ही 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सरल, सुगम और सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि पहले आदि कैलाश यात्रा में लगभग 500 श्रद्धालु पहुंचते थे, जबकि इस वर्ष यात्रा प्रारम्भ होने के बाद प्रतिदिन लगभग एक हजार श्रद्धालु आदि कैलाश पहुंच रहे हैं। वहीं मां पूर्णागिरि धाम में अब तक 24 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में उत्तराखण्ड में 23 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे हैं, जो राज्य की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में शहरी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन ने देशभर में स्वच्छता की नई संस्कृति विकसित की है, जबकि स्मार्ट सिटी मिशन आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास का मॉडल बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों गरीब परिवारों को अपना घर उपलब्ध कराया है और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य किया गया है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में भी शहरी विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी नगर निकायों में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन, अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी योजनाओं का लाभ प्रदेश के नागरिकों तक पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पहली बार नगर निकायों में अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही निराश्रित गौवंशों के संरक्षण के लिए आश्रय योजना और श्वानों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना लागू की गई है। हरित क्षेत्रों के विकास और प्रदूषण नियंत्रण के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल एवं श्री राम सिंह कैड़ा, विधायक श्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर श्री शंभू पासवान, श्रीमती रेनू बाला गुप्ता, श्री आशुतोष सहित देश के विभिन्न शहरों से आए महापौर एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।