![]()
ऋषिकेश, 11 दिसंबर । गीता भवन द्वारा गीता जयंती के अवसर पर गीता पश्नोंत्तरी , के साथ हवन आदि का भव्य आयोजन किया गया।
बुधवार को गीता भवन में आयोजित गीता जयंती कार्यक्रम के दौरान मुख्य ट्रस्टी नारायण , व मुख्य प्रबंधक गौतम कुमार के संचालन में प्रातः गीता पाठ के साथ रावण आदि किए गए, उसके पश्चात गीता पर आधारित प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों से लगभग 15 विद्यालय प्रतिभाग किया। जिसके अतर्गत गीता की मेहता पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि गो- गंगा- गायत्री प्रत्येक सनातन धर्म के लोगों के लिए अनिवार्य है। जिसका प्रचार प्रसार पूरी दुनिया में किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि महाभारत के दौरान भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश देकर ही उनका मार्गदर्शन किया था, गीता को प्रत्येक मनुष्य के लिए अनिवार्य है।
गौतम कुमार छपडियाने कहा कि
आज वो अदभुत दिन है जिस दिन सर्वेश्वर श्री कृष्ण ने स्वयं अपने श्रीमुख से इस पृथ्वी पर अर्जुन को श्रीमद् भगवद् गीता का उपदेश दिया था ! गीता ज्ञान का उदगम स्थल है जीवन में एक बार जिसने श्रीमद् भगवद् गीता पढ़ कर समझ ली उसके चहरे से मुस्कुराहट कोई नहीं छीन सकता चाहे वक्त कैसा भी आ जाए ! श्री कृष्ण महाभारत के युद्ध में अकेले मुस्कुरा रहे थे और यही ज्ञान अर्जुन को और हम सबके लिए दिया की जीवन रूपी युद्ध कितना भी बड़ा हो घबराना नहीं है मुस्कुराना है ! उन्होंने कहा कि अर्जुन ही वो नर है जो नारायण से मिलवाएगा अर्थात् जिस दिन अर्जुन जैसा समर्पण होगा उस दिन सारथी श्रीकृष्ण होंगे जीवन आनंद और विजय से परिपूर्ण होगा! इसलिए अपने विश्वास को मज़बूत रखिये,
इस अवसर पर गौरी शंकर मोहता, कैलाश शर्मा, गौतम कुमार छपडिया, बंसी नौटियाल, ट्रस्टी नारायण प्रसाद अजीसरया, गोटिया नील रतन चंद गोटिया, अशोक मिमानी, अशोक शर्मा, नकुल दत्त सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।
