धनवंत्री जयंती एवं आयुर्वेद दिवस पर एम्स ऋषिकेश की संचालित देश की पहली हेली एम्बुलेंस मेडिकल सेवा “संजीवनी” का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया वर्चुअल शुभारंभ -एम्स ऋषिकेश में शुरू हुई हेली एम्बुलेंस सेवा पूरे प्रदेश वासियों के लिए वरदान साबित होगी -किंजरापु राम मोहन
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ऋषिकेश, 29अक्टूबर । धनवंत्री जयंती एवं आयुर्वेद दिवस के अवसर पर एम्स ऋषिकेश द्वारा संचालित की जाने वाली देश की पहली हेली एम्बुलेंस मेडिकल सेवा “संजीवनी” का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में शुभारंभ किया गया ।
मंगलवार को एम्स ऋषिकेश स्थित संस्थान के (सभागार) मेन ऑडिटोरियम में धनवंत्री जयंती एवं 9 वे आयुर्वेद दिवस के अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में ऋषिकेश से संचालित होने वाली बहुप्रतीक्षित एअर एम्बुलेंस मेडिकल सर्विस का उद्घाटन एक समारोह के दौरान किया। इसी के साथ हेल्थ सेक्टर प्रॉजेक्ट में 12,850 करोड़ की चिकित्सा विज्ञान की परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया गया।
इस मौके पर केंद्रीय उद्यान राज्य मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि तो यहां पर जिस तरह से उत्तराखंड प्रदेश नौजवान प्रदेश के रूप में देश को एक नई दिशा दे रही है। उत्तराखंड प्रदेश में स्थित एम्स ऋषिकेश में शुरू हुई हेली एम्बुलेंस सेवा पूरे प्रदेश वासियों के लिए वरदान साबित होने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ही प्रयास रहा है कि एक जान और एक क्षण, यह दोनों ही बहुत कीमती चीज और इन दोनों को मिलाकर ही हमने यह हेली एम्बुलेंस की शुरुआत की है । हेली एम्बुलेंस की भूमिका हम इस बात से समझ सकते हैं कि किसी भी आपात स्थिति में किसी पेशेंट को समय सीमा के भीतर ट्रीटमेंट मिल जाए । तो हार्ट अटैक या फिर सड़क की दुर्घटना हो या फिर कोई गंभीर मामला हो तो इन सब में हेली एम्बुलेंस सेवा के द्वारा व्यक्ति को तुरंत और प्रभावी उपचार उपलब्ध करा सकते हैं। इसमें गंभीर रोगी की जान बचाने की जो संभावना है वह हम 100% बढ़ा सकते हैं।
उत्तराखंड के 100 किलोमीटर के क्षेत्र के प्रत्येक गांव जो भी रहेंगे और प्रत्येक परिवार को इस मेडिकल सेवा की जानकारी भी पूरी तरह से प्रचार भी करना चाहिए। इस एयर एंबुलेंस में जाने वाली डॉक्टर की टीम हर किसी के हिसाब से हर सिचुएशन के हिसाब से बदला जाएगा जिससे कि वह पेशेंट को जो जरूरत रहेगी उसके मुताबिक मदद भी उनको मिल सके और यह एक अद्भुत पहल है जो हमारे स्वास्थ्य सेवा में क्रांति लाने की क्षमता रखती है और मेरा मानना है कि चिकित्सा सेवाओं में हेलीकॉप्टर का प्रयोग खासकर देश के पहाड़ी राज्यों में काफी प्रभावशाली होने वाला है।
डा मधुर उनियाल ने बताया कि हमारा उत्तराखंड सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है जहां आपदा के दौरान आपदा से प्रभावित हुए थे, जिसमें केदारनाथ आपदा सबसे अधिक गंभीर थी, सर्वाधिक मौत यहां होती है, जिसमें सड़क दुर्घटनाभ महत्वपूर्ण हैं। इतने बढ़ाने की सबसे अधिक जिम्मेदारी डॉक्टरों की होती है, जिसके लिए ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की गई, जिस्म तेहरा वार्ड स्थापित किए गए। जिसका शुभारंभ दिल्ली के सहयोग से किया गया। इसके बाद पहाड़ों वाली दुर्घटनाओं पर वर्ष 2019 में रिसर्च किया गया, जिसमें पाया कि दूरदराज़ क्षेत्र में होने वाली दुर्घटनाओं के लिए एंबुलेंस के स्थान पर हेली सेवा प्रारंभ किए जाने का निर्णय लिया था। इसके बाद विदेशों में भी दी जा रही सेवाओं से अनुभव लिया, उसके बाद संबंधित सभी विभागों के साथ संयुक्त बैठक कर सेवा के क्षेत्र से जुड़ने के लिए स्कूलों में भी छात्रों को भी प्रशिक्षित किया गया। आज चंद घटों में दुर्घटनाओं के समय हम पहले सेवा के माध्यम स्वास्थ्य सेवा देने में सफल हो रहें हैं।
एम्स की निदेशक प्रोफेसर डॉक्टर मीनू सिंह ने कहा कि केंद्र स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की उपस्थिति में कार्यक्रम का नरेंद्र मोदी कर रहे हैं, यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ सब का विश्वास मंत्र के साथ उत्तराखंड की जनता को स्वास्थ्य के क्षेत्र में हेली सेवा का शुभारंभ कर राज्य की जनता को इसका लाभ देंगे।
इस मौके पर क्षेत्रीय हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत, उत्तराखंड वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, राज्य मंत्री सुरेश भट्ट, नगर निगम की पूर्व मेयर अनीता ममगांई, एम्स ऋषिकेश निदेशक मीनू सिंह सहित अन्य विशिष्ट अतिथि भी मौजूद थे।
भारत के 11 अस्पताल में ड्रोन सेवा का भी किया गया शुभारंभ
स्वास्थ्य सेवाओं को प्रत्येक व्यक्ति तक पहचाने के लिए ड्रोन सेवा का शुभारंभ भी किया गया ,पहली बार भारत के 11 अस्पतालों में ड्रोन सेवा शुरू की गई है ,जो कि मरीजों के नमूने से लेकर उनकी जांच रिपोर्ट जरूरी दवाइयां और टीकों को दुर्लभ स्थान पर पहुंचाने मे मदद करेगी ।यह सेवा उत्तराखंड के एम्स ऋषिकेश, तेलंगाना के एम्स बीवी नगर, असम के एम्स गुवाहाटी ,मध्य प्रदेश के भोपाल ,राजस्थान के जोधपुर, बिहार के पटना, हिमाचल के बिलासपुर ,उत्तर प्रदेश के रायबरेली, छत्तीसगढ़ के रायपुर, आंध्रप्रदेश के मंगलगिरी, और मणिपुर में रिम्स इंफाल में शुरू की गई है ।
