अक्षय कुमार मसूरी-लैंढौर तो जाह्नवी कपूर नैनीताल में कर रहीं शूटिंग, फिल्म निर्माताओं की पसंद बना उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 और सिंगल विंडो व्यवस्था से शूटिंग को मिल रहा प्रोत्साहन, पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार बढ़ने की उम्मीद
अक्षय कुमार मसूरी-लैंढौर तो जाह्नवी कपूर नैनीताल में कर रहीं शूटिंग, फिल्म निर्माताओं की पसंद बना उत्तराखण्ड
फिल्म नीति-2024 और सिंगल विंडो व्यवस्था से शूटिंग को मिल रहा प्रोत्साहन, पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार बढ़ने की उम्मीद
देहरादून 17 अक्टूबर। प्राकृतिक सुंदरता, मनोरम पर्वतीय दृश्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक स्थलों के चलते उत्तराखण्ड बड़े फिल्म निर्माताओं की पसंद बनता जा रहा है। राज्य में इन दिनों बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग चल रही है। अभिनेता अक्षय कुमार मसूरी और लैंढौर क्षेत्र में, जबकि अभिनेत्री जाह्नवी कपूर नैनीताल में शूटिंग कर रही हैं। बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की दस्तक से उत्तराखण्ड की फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान मजबूत होने के साथ ही पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध भौगोलिक परिस्थितियों के कारण फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं रखता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड को देश के प्रमुख फिल्म शूटिंग स्थलों के रूप में स्थापित किया जाए। इसके लिए फिल्म निर्माताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया सरल बनाने और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग केवल प्रदेश के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय युवाओं, कलाकारों, तकनीशियनों, होटल कारोबारियों, परिवहन संचालकों और अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं। सरकार फिल्म पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था से जोड़ने और इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उत्तराखण्ड सरकार फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 के तहत अनुकूल वातावरण विकसित कर रही है। सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम के माध्यम से शूटिंग संबंधी अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत सात दिनों के भीतर शूटिंग की अनुमति उपलब्ध कराने की व्यवस्था से फिल्म निर्माताओं को विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने में सुविधा मिलती है।
फिल्म नीति के माध्यम से स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को काम के अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही प्रदेश के पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिल्म यूनिटों के पहुंचने से होटल, परिवहन, खान-पान और अन्य स्थानीय सेवाओं से जुड़े कारोबार को भी लाभ मिलने की संभावनाएं हैं।
मसूरी, लैंढौर और नैनीताल जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग से इन क्षेत्रों की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता को देशभर के दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। फिल्मों में दिखाई देने वाले पर्वतीय नजारे और स्थानीय परिवेश भविष्य में पर्यटकों की रुचि बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। इससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन आधारित गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को फिल्मों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए फिल्म निर्माताओं को सहयोग और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है। राज्य में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग उत्तराखण्ड को फिल्म निर्माण और फिल्म पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयासों को गति दे रही है।