ब्रह्मलीन स्वामी वेद व्यासानंद सरस्वती का 118वां जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया, ब्रह्मलीन स्वामी वेद व्यासानंद जी ने गीता के अद्भुत व्याख्याकार व गीता के सिद्धांतों पर चलते हुए गीता का देश विदेश में किया प्रचार प्रसार: प्रकाशानंद
ब्रह्मलीन स्वामी वेद व्यासानंद सरस्वती का 118वां जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया,
ब्रह्मलीन स्वामी वेद व्यासानंद जी ने गीता के अद्भुत व्याख्याकार व गीता के सिद्धांतों पर चलते हुए गीता का देश विदेश में किया प्रचार प्रसार: प्रकाशानंद
ऋषिकेश 28 जुलाई। ऋषिकेश स्वर्गआश्रम स्थित गीता आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी वेद व्यासानंद सरस्वती का 118वां जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया,
आयोजित कार्यक्रम में गीता पाठ व रामायण पाठ का वाचन किया गया।
इस मौके पर प्रकाशानंद सरस्वती ने भी कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी वेद व्यासानंद जी गीता के अद्भुत व्याख्याकार व गीता के सिद्धांतों पर चलते हुए गीता का प्रचार प्रसार देश-विदेश में करते रहे। गीता के प्रचार हेतु उन्होंने गीता आश्रम की स्थापना की जहां निरंतर जन सेवा एवं धर्म प्रचार के कार्य किया जा रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि आज हम यहाँ पर जो कुछ देख रहे हैं वह सब ब्रह्मलीन स्वामी वेद व्यासानंद की वजह से है। उनका यह आश्रम हमेशा दीन, दुखियों के लिए खुला है।