तैयारी के बिना बैठक में पहुंचे अधिकारियों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सख्त, 15 जून तक लंबित घोषणाओं पर शासनादेश के निर्देश
देहरादून 4 मई। पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों के बिना तैयारी के उपस्थित होने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस प्रकार की महत्वपूर्ण बैठकों में बिना तथ्यात्मक जानकारी के आना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि भविष्य में पूर्ण तैयारी के साथ ही बैठक में उपस्थित हों।
मुख्यमंत्री ने विभागों के बीच समन्वय और संवाद की कमी पर भी असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तालमेल के अभाव में कई विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित हैं, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। सभी सचिवों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने विभागों की घोषणाओं की पुनः गहन समीक्षा करें और लंबित कार्यों में तेजी लाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री घोषणाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और जनता से किए गए वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से पूर्ण और लंबित घोषणाओं का प्रतिशत सहित विस्तृत रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी लंबित घोषणाओं पर 15 जून तक शासनादेश जारी किए जाएं तथा जिन कार्यों पर शासनादेश जारी हो चुके हैं, उन पर तत्काल कार्य प्रारंभ कराया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी नाराजगी जताई कि कई स्थानों पर कार्य शुरू होने के बावजूद शिलापट्ट नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित स्थलों पर शिलापट्ट अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, अन्यथा जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि जो मामले जिला स्तर पर निपटाए जा सकते हैं, उन्हें अनावश्यक रूप से शासन स्तर पर लंबित रखना उचित नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्तर पर लंबित मामलों का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद के सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर और जागेश्वर विधानसभा क्षेत्रों की विकास घोषणाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान सोमेश्वर की 90, सल्ट की 69, रानीखेत की 33 और जागेश्वर की 48 घोषणाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जागेश्वर क्षेत्र को धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए यहां विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और योजनाओं की नियमित समीक्षा का उद्देश्य आम जनता को समय पर लाभ दिलाना है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु सहित संबंधित विभागों के सचिव और जिलाधिकारी उपस्थित थे।