मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक कर मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने व पर्यटन तैयारियों पर दिये सख्त निर्देश, ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पर्यटन स्थलों पर हुड़दंग, नशाखोरी और ओवरचार्जिंग के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई: पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक कर मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने व पर्यटन तैयारियों पर दिये सख्त निर्देश,
ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पर्यटन स्थलों पर हुड़दंग, नशाखोरी और ओवरचार्जिंग के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई: पुष्कर सिंह धामी
हल्द्वानी 12 अप्रैल। पुष्कर सिंह धामी ने आज सर्किट हाउस, हल्द्वानी में जनपद नैनीताल के वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस, वन एवं विकास विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष, आगामी पर्यटन सीजन की तैयारियां, कानून-व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, सिंचाई तथा जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों को समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के साथ ही लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में आयुक्त कुमाऊं एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने जानकारी दी कि आगामी आदि कैलाश यात्रा के लिए 1 मई से पिथौरागढ़ जिला प्रशासन द्वारा इनर लाइन पास जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आदि कैलाश मार्ग वर्तमान में सुचारू है। इसके साथ ही कैंचीधाम बाईपास का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे 30 मई तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। मेट्रोपोल पार्किंग का निर्माण कार्य भी आगामी 10 दिनों में शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि इसके स्थायी समाधान के लिए ठोस रणनीति तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि लोगों को जागरूक करने के साथ ऐसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएं जिससे ग्रामीणों को जंगलों में जाने की आवश्यकता कम हो। संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग लगाने और वन विभाग तथा पुलिस की संयुक्त क्विक रिस्पॉन्स टीम को 24×7 सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि नैनीताल जनपद प्रदेश का प्रमुख पर्यटन केंद्र है, इसलिए पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ वन क्षेत्रों से सटे गांवों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रामनगर, हल्द्वानी, कालाढूंगी और नैनीताल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
आगामी पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने सड़कों को गड्ढा मुक्त रखने, ट्रैफिक प्रबंधन को सुदृढ़ करने, शटल सेवाएं शुरू करने तथा वैकल्पिक पार्किंग स्थलों को सक्रिय करने के निर्देश दिए। कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उन्होंने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पर्यटन स्थलों पर हुड़दंग, नशाखोरी और ओवरचार्जिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही 24 घंटे निगरानी और नियमित चेकिंग अभियान चलाने को कहा।
जमरानी बांध परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से तराई और भावर क्षेत्र में पेयजल संकट का समाधान होगा, भूजल स्तर में वृद्धि होगी और बाढ़ नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाए जाने के प्रस्ताव को शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने, गर्मी और मानसून के मद्देनजर सभी विद्युत स्टेशनों पर आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने तथा पेयजल संकट से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से भी जनपद की समस्याओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।