खेल महाकुम्भ-2026 का आगाज सितंबर से, प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होंगी विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं, मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के लिए जारी हुई कार्ययोजना
खेल महाकुम्भ-2026 का आगाज सितंबर से, प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच
न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होंगी विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं, मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के लिए जारी हुई कार्ययोजना
देहरादून । युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 में “खेल महाकुम्भ-2026 मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी” के तहत प्रदेशभर में विभिन्न स्तरों पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिताएं न्याय पंचायत, विधानसभा क्षेत्र, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर पर आयोजित होंगी। इसके लिए विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना जारी कर दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल महाकुम्भ का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना तथा खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने के अवसर प्रदान करना है।
कार्यक्रम के तहत न्याय पंचायत स्तर की स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताएं 1 से 10 सितंबर, विधानसभा स्तर की विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं 11 से 20 सितंबर, संसदीय क्षेत्र स्तर की सांसद चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं 21 से 30 सितंबर तथा राज्य स्तर की मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं 10 सितंबर से 30 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जाएंगी।
न्याय पंचायत स्तर पर अंडर-14 एवं अंडर-19 बालक-बालिका वर्ग में कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो और मुर्गा झपट जैसी प्रतियोगिताएं होंगी। विधानसभा स्तर पर वॉलीबाल और पिट्टू सीधे तथा न्याय पंचायत स्तर से चयन के आधार पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
संसदीय क्षेत्र स्तर पर मलखम्ब, रस्साकसी, गोली (कंचा), फुटबाल और बैडमिंटन जैसी प्रतियोगिताएं सीधे तथा विधानसभा स्तर से चयन के आधार पर आयोजित होंगी। वहीं राज्य स्तर पर जूडो, बॉक्सिंग, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, कराटे, बास्केटबाल, हॉकी, हैंडबाल, योगासन, तैराकी, तीरंदाजी, फेंसिंग, कुश्ती, पेंचक सिलाट, पावर लिफ्टिंग, वेट लिफ्टिंग, बेसबाल और लॉन टेनिस सहित अनेक खेलों में प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।
खेल महाकुम्भ में महिला ओपन वर्ग तथा दिव्यांगजन महिला-पुरुष ओपन वर्ग के लिए भी विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं निर्धारित की गई हैं। इससे अधिक से अधिक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
निदेशक युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल, उत्तराखण्ड दीप्ति सिंह ने प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना जारी की है। उन्होंने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों से खेल महाकुम्भ को सफल बनाने के लिए आवश्यक सहयोग और समन्वय सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है।