होम्योपैथिक नेत्र चिकित्सा विभाग का हुआ उद्घाटन,होम्योपैथिक पद्घति से नेत्र संबन्धी सभी बीमारियों की चिकित्सा के लिए एन.जी.डी. विश्व का एकमात्र चिकित्सालय: डा. नारायण दास
ऋषिकेश 2 फरवरी। एन. जी. डी.होम्योपैथिक हाॅस्पीटल, आमबाग गली नo 2,ऋषिकेश, उत्तराखंड में एक होम्योपैथिक नेत्र चिकित्सा विभाग का उद्घाटन किया। जिसमें केवल नेत्र संबन्धी बीमारियों पर होम्योपैथिक पद्धति से चिकित्सा पर अनुसंधान किया जा रहा है। होम्योपैथिक चिकित्सा प्रणाली में नेत्र सम्बन्धी लगभग सभी बीमारियों का इलाज उपलब्ध है । इसके लिए BHMS चिकित्सक को नेत्र चिकित्सा के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है।
नेत्र चिकित्सा विभाग का उद्घाटन करते हुए हाॅस्पीटल अध्यक्ष डाक्टर नारायण दास ने कहा कि यह एन.जी.डी.होम्योपैथिक नेत्र चिकित्सालय विश्व का एकमात्र एकलौता हाॅस्पीटल है जहाँ होम्योपैथिक पद्घति से नेत्र संबन्धी सभी बीमारियों की चिकित्सा की जाती है।जैसे दूर-दष्टी,नजदीक-दृष्टि का कम होना मोतियाबिन्द, काला मोतियाबिन्द,चोट,आंखों मे इन्फेक्शन आदि की अति सरलता से चिकित्सा की जाती है। यहां ऑखों का परीक्षण अति आधुनिक मशीनों एवं एक विशेष नेत्र टेकनिशियन के द्वारा किया जाता है।
उन्होंने बोला कि संत- महात्माओं एवं गरीबों के लिए मोतियाबिन्द आदि जैसे कठिन बीमारियों के लिए नि:शुल्क सुविधा की व्यवस्था होने जा रही है ।अति आवश्यकता पडने पर शल्य- चिकित्सा की जा रही है।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में यह मल्टी स्पेशलिस्टी होम्योपैथिक हाॅस्पीटल समाज एवं देश के लिए अति उपयोगी सिद्ध होगी और स्वामीजी का सपना साकार होगा।
देश में और भी इसी तरह के मल्टी स्पेशलिटी होम्योपैथिक हाॅस्पीटल की आवश्यकता है,केवल BHMS चिकित्सक को एक विशेष चिकित्सा के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है। होम्योपैथिक चिकित्सा प्रणाली में कठिन से कठिन (जैसे कैंसर , किडनी हृदय आदि) बीमारीयों की चिकित्सा कम से कम पैसे में दुष्प्रभाव रहित उपलब्ध है लेकिन सरकार इस पैथी पर ध्यान नही दे रही है।