उत्तराखंड में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ी पहलसुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और पैरामेडिकल कॉलेज के प्रस्तावों का केंद्र स्तर पर परीक्षण शुरू
उत्तराखंड में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ी पहलसुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और पैरामेडिकल कॉलेज के प्रस्तावों का केंद्र स्तर पर परीक्षण शुरू
देहरादून 27 अगस्त। उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल को केंद्र सरकार से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र के समक्ष रखे गए हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के अंतर्गत सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के दोनों प्रस्तावों को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने विभागीय स्तर पर परीक्षण के लिए भेज दिया है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री धामी को भेजे पत्र में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना संबंधी प्रस्ताव का केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संबंधित विभाग/प्रभाग द्वारा परीक्षण किया जा रहा है। इसी प्रकार पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के प्रस्ताव को भी संबंधित प्रभाग के परीक्षण के लिए भेजा गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार के समक्ष दोनों संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव रखते हुए प्रदेश में उच्च स्तरीय चिकित्सा एवं पैरामेडिकल शिक्षा के साथ विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया है। इन प्रस्तावों के मूर्त रूप लेने से उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनने से गंभीर और जटिल बीमारियों के उपचार के लिए राज्य में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे मरीजों को उपचार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। वहीं, पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना से प्रशिक्षित एवं कुशल पैरामेडिकल मानव संसाधन तैयार होगा, जिससे प्रदेश के अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक तकनीकी एवं सहयोगी स्टाफ उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने दोनों प्रस्तावों का केंद्र स्तर पर परीक्षण शुरू होने को उत्तराखंड की चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। अब इन प्रस्तावों पर केंद्रीय स्तर पर होने वाले परीक्षण और आगामी निर्णय पर प्रदेश की निगाहें टिकी हैं।